ISRO द्वारा लाँन्च किया गया SSLV| क्या है SSLV?|

आइऐ हम बात करते हैं ISRO (Indian Space Research Organisation) द्वारा SSLV (Small Satellite Launch Vehicle ) लाँन्च किया गया।

20 सितंबर ,1993 को इसरो द्वारा पहली बार PSLV ( Polar Satellite Launch Vehicle) लाँन्च कियागया था। PSLV की चार स्थिति होती हैं, solid,liquid, solid, liquid, इसरो प्रथम प्रयास में PSLV को भी लाँन्च करके सफल नहीं हुआ था। हालांकि  बाद में इसमें इसरो ने सफलता पायी।

इसके बाद से सभी सैटेलाइट PSLV के द्वारा ही लाँन्च किये जाते हैं। इसके 30 साल बाद SSLV लाँन्च करके इसरो ने ऐतिहासिक कार्य किया।

क्या है SSLV ?

SSLV का फुल फार्म Small Satellite Launch Vehicle है। इसके माध्यम से छोटे सैटेलाइट लाँन्च किये जाते हैं। 7 अगस्त 2022 को 9 बजकर 12 मिनट पर इसे Satish Dhawan Space Centre श्री-हरिकोटा से लाँन्च किया गया। ISRO न इसे पहली बार लाँन्च किया है। इसे लाँन्च करने के प्रयास बर्ष 2018 से किया जा रहा था , पर अब जाकर हो पाया।

 बताया जा रहा है, कि SSLV लाँन्च के सभी stages पूरे हो गए थे परन्तु बाद में पता चला, कि velocity trimming module से Data loss होने लगा है। अर्थात इसरो को यह पता नहीं चल पा रहा था कि राकेट लाँन्च होकर गया कहाँ। इसके अन्दर दो सैटेलाइट हैं EOS-02 ( Earth Observation  Satellite) तथा AzaadiSAT, EOS-02 को इसरो ने ही डिजाइन किया है तथा यह एक माइक्रो सैटेलाइट है। AzaadiSAT सैटेलाइट 8 किलोग्राम का है। इसमें 75 payloads रखे गये हैं। प्रत्येक payload 50 ग्राम का है। 

AzaadiSAT का आजादी नाम रखने के पीछे यह भी कारण है कि इसे आजादी के 75 वें वर्ष लाँन्च किया गया है। ruler areas की girls students को payloads बनाने का गाइडेंस दिया गया, और इसे students team of Space kidz India के द्वारा integrate किया गया। यह राकेट लाँन्च करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा। यह एक सप्ताह मे 1 राकेट लाँन्च करने में सक्षम है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें इसरो का यह मिशन पूर्णतः सफल नही रहा। इसरो द्वारा जल्द ही SSLV D2 लाँन्च किया जाएगा।

 

 

 

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