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Independence Day Facts : इस स्वतंत्रता दिवस समझे झण्डा फहराने एवं ध्वजारोहण में क्या है महत्वपूर्ण अंतर..

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हमारा भारतवर्ष अंग्रेज़ी शासन की गुलामी से बहुत परेशान था किंतु शहीदों के त्याग एवं बलिदान तथा उनके द्वारा किए गए अथक प्रयासों के बाद 15 अगस्त 1947 को ब्रिटिश शासन अर्थात अंग्रेजों के चंगुल से आज़ाद हो पाया था. तब से पूरे भारत वर्ष में इस तिथि को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बडे़ धूम धाम से मनाया जाता है. जहाँ पिछले वर्ष हम सब भारतीयों ने आजादी का 75वां स्वतंत्रता दिवस मनाये थे जिसे भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आजादी का अमृत महोत्सव के नाम से एक उत्सव के रूप में घोषित किया था, तो वहीं इस बार भारत 76वां स्वतंत्रता दिवस मनाने की ओर अग्रसर है. स्वतंत्रता दिवस के इस शुभ अवसर से पूर्व हम आप सभी को ध्वजारोहण व झण्डा फहराने में महत्वपूर्ण अंतर को बताने वाले हैं .

UPSC इंटरव्यू में अक्सर पूछा जाने वाला ऐसा सवाल जिसका उत्तर बहुत कम अभ्यर्थी दे पाते हैं-

स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस में झंडा फहराने में क्या अंतर है ?


1. पहला अंतर

15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर झंडे को नीचे से रस्सी द्वारा खींच कर ऊपर ले जाया जाता है, फिर खोल कर फहराया जाता है, जिसे ध्वजारोहण कहा जाता है क्योंकि यह 15 अगस्त 1947 की ऐतिहासिक घटना को सम्मान देने हेतु किया जाता है जब प्रधानमंत्री जी ने ऐसा किया था। संविधान में इसे अंग्रेजी में Flag Hoisting (ध्वजारोहण) कहा जाता है।

जबकि

26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर झंडा ऊपर ही बंधा रहता है, जिसे खोल कर फहराया जाता है, संविधान में इसे Flag Unfurling (झंडा फहराना) कहा जाता है।

2. दूसरा अंतर

15 अगस्त के दिन प्रधानमंत्री जो कि केंद्र सरकार के प्रमुख होते हैं वो ध्वजारोहण करते हैं, क्योंकि स्वतंत्रता के दिन भारत का संविधान लागू नहीं हुआ था और राष्ट्रपति जो कि राष्ट्र के संवैधानिक प्रमुख होते है, उन्होंने पदभार ग्रहण नहीं किया था। इस दिन शाम को राष्ट्रपति अपना सन्देश राष्ट्र के नाम देते हैं।

जबकि

26 जनवरी जो कि देश में संविधान लागू होने के उपलक्ष्य में मनाया जाता है, इस दिन संवैधानिक प्रमुख राष्ट्रपति झंडा फहराते हैं.


3. तीसरा अंतर

स्वतंत्रता दिवस के दिन लाल किले से ध्वजारोहण किया जाता है।

जबकि

गणतंत्र दिवस के दिन राजपथ पर झंडा फहराया जाता है।

नोट :- आपसे आग्रह है ये अंतर अपने आस-पास के बच्चों को जरूर बताएं।

आइये जानते हैं राष्ट्रीय झंडे तिरंगे का डिजाइन किसने किया?

वर्ष 1906 से लेकर अब तक भारतीय ध्वज का डिजाइन

भारत के राष्ट्रीय झण्डे तिरंगे का डिजाइन आंध्र प्रदेश कि पिंगली बैंकेया जी ने किया था.

पिंगली बैंकेया

• आंध्र प्रदेश के राज्यपाल ने कहा कि श्री पिंगली वेंकय्या को राष्ट्रीय ध्वज के डिजाइन में उनके अपार योगदान के लिए हमेशा याद किया जाएगा।

• पिंगली वेंकय्या (1876-1963) एक भारतीय स्वतंत्रता सेनानी थे।

• वह महात्मा गांधी के कट्टर अनुयायी और उस ध्वज के डिजाइनर थे जिस पर भारतीय राष्ट्रीय ध्वज आधारित था।

• उन्होंने 1 अप्रैल 1921 को विजयवाड़ा शहर की यात्रा के दौरान राष्ट्रीय ध्वज को डिजाइन किया और इसे महात्मा गांधी को भेंट किया।

फैक्ट मास्टर

• संविधान सभा ने 22 जुलाई 1947 को राष्ट्रीय ध्वज को अपनाया।

• राष्ट्रीय ध्वज पर तदर्थ समिति (संविधान सभा की एक छोटी समिति) की अध्यक्षता डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने की थी।

• वर्ष 1906 से लेकर अब तक 06 बार राष्ट्रीय ध्वज का डिजाइन किया जा चुका है.

• अनुच्छेद 51 ए (ए) के अनुसार, संविधान का पालन करना और उसके आदर्शों और संस्थानों, राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान का सम्मान करना भारत के प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य होगा।

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