आइऐ जाने ATAGS (Adavance Towed Artillery Gun System) तोप के बारे में| 48 किलोमीटर दूर बैठे दुश्मन पर प्रहार करने में है सक्षम| 2022 स्वतन्त्रता दिवश पर पहली बार किया गया 21 तोपों की सलामी में सामिल|

 

ATAGS ( Adavance Towed Artillery Gun System) सबसे जादा रेंज बाली तोप है। जिसे भारत में ही बनाया गया है। इसे इस बार आजादी के 75 वें वर्ष जो इस बार आजादी के अमृत महोत्सव के रूप में मनाया गया है, Independence Day ceremony पर ATAGS को 21 तोपों की सलामी में सामिल किया गया और इसकी ताकत का प्रदर्शन किया गया। इसके अलावा इसका दूसरा version Dhanush भी आ रहा है।

वहीं लाल किले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने independence day speech में कहा –

” Today for the first time in 7th years since Independence,  a made in India Artillery Gun was used in 21-gun salute that is given to the tricolour.  All Indians will be inspired and empowerd by this sound. And that is why, today, I want to thank you our Armed forces for carrying the responsibility of Atmanirbharta on their shoulders on organised manner ” The pm said. 

The 21-gun salute tradition

यह एक ब्रिटिश परंपरा है। जो भारत को ब्रिटेन द्वारा बिरासत में मिली है। आजादी के पहले भारत में 101 तोपों की सलामी दी जाती थी। जिसे शाही सलामी कहा जाता था। यह सलामी केवल ब्रिटिश क्राउन को दी जाती थी। इसके बाद 31 तोपों की सलामी महारानी तथा शाही परिवार के सम्मान में दी जाती थी यह सलामी वायसराय ( गवर्नर जनरल) , और इसके बाद 21 तोपों की सलामी दी जाने लगी जो केवल राज्य के प्रमुख और विदेशी संप्रभु और उनके परिवार के सदस्यों को पेश की जाती थी।

इस बार भारत में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया गया। तो 2022 स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले पर 21 तोपों की सलामी  में  ATAGS (Adavance Towed Artillery Gun System) को भी सामिल किया गया। 

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि तोपों की सलामी व्यक्ति के पद के नुकसार दी जाती है, अर्थात किसे कितनी तोपों की सलामी दी जानी है यह उस व्यक्ति के पद पर निर्भर करता है।

ATAGS की rang 48 किमी है ,यह भारत के पास दुनिया की सबसे बेहतरीन तोप है। ATAGS अधिक दूरी पर बैठे दुश्मन पर भी वार करने में सक्षम है।

  • ATAGS की DRDO (Defence Research and Development Organisation) की सहायता से बनाया गया है। ATAGS का भार 18 टन है, तथा यह भारत निर्मित है इसके कुछ उपकरण ही विदेश से मगाऐ गये। ATAGS, 155×52 कैलिवर howitzers की गन है।
  • इस साल ATAGS (howitzers) को उस बैटरी में सामिल किया गया है, जो अन्य 25 pounders के साथ चलती है। 
  • इसे बनाने में भारत सरकार का 3 हजार करोङ का खर्चा हुआ है तथा इसका भारतिय सेना द्वारा प्रयोग किया जाएगा।

 

  1. सन् 2013 में इस योजना की शुरुआत हुई थी।
  2. 14 जुलाई 2016 को इसका पहला सफल परीक्षण हुआ था।
  3. 26 जनवरी 2017 को 68 वें गणतंत्र दिवस परेड में इसका प्रदर्शन किया गया था।
  4. सितंबर 2020 में ATAGS के यूजर ट्रायल में बेरल फटने से चार लोग घायल हो गए थे।
  5. नवंबर 2020 को फिर से ट्रायल की शुरुआत हुई।
  6. जून 2021 , 15000 फीट (46000 मीटर) की ऊंचाई पर सफल परीक्षण हुआ।
  7. 2 मई 2022 को सेना में शामिल होने का मार्ग प्रशस्त।

इसका पहला prototype, Tata Power तथा दूसरा Bharat Force द्वारा built किया गया है। इसकी कीमत 3365 करोङ की है।

DRDO की मदद से Equipment India of the erstwhile Ordnance Factory Board इसका  Adavance version Dhanush बनाया जा रहा है।

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