AU LAW STUDENTS : इलाहाबाद विश्वविद्यालय BALLB की छात्रा की एक ही आवाज पर मदद के लिए आगे आए विश्वविद्यालय के छात्र I

छात्रा की मदद के लिए आगे आए इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र I


प्रयागराज :  इलाहाबाद विश्वविद्यालय में लाॅ कोर्स अर्थात बीएएलएलबी की पढ़ाई कर रही छात्रा वर्तिका मौर्या ने अपने भाई के इलाज के लिए गुहार लगाई तो उसकी मदद के लिए विश्वविद्यालय के छात्र अपने बनकर एक प्रकार से परिवार बन कर खड़े हो गये हैं I वर्तिका मौर्या को जब लगा कि उसके भाई के इलाज के लिए उतने पैसे इकट्ठा कर पाना उसके लिए मुश्किल है, जितना उसके भाई के इलाज के लिए चाहिए तो उसने सोशल मीडिया पर मदद के लिए आवाज लगाई तो विश्वविद्यालय के छात्रों ने हर संभव मदद करने की जिद ठान ली और उसके खाते में पैसे भेजना शुरू कर दिए, मंगलवार शाम तक उसके खाते में करीबन 5 से 6 लाख रुपये ट्रांसफर किये जा चुके थे, किंतु छात्रों की सोशल मीडिया पर यह मुहिम अब भी जारी है क्योंकि उसके पास अभी प्रयाप्त पैसे इकट्ठा नहीं हो पाएं हैं, जितना उसके भाई के इलाज के खर्च पर लगेंगेI
प्रतापगढ़ जिले की निवासिनी है छात्रा: आपको बता दें कि मूलतः प्रतापगढ़ जनपद के रानीगंज तहसील क्षेत्र स्थित जामताली सराय शेर खां की रहने वाली है छात्रा वर्तिका मौर्या जो इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीएएलएलबी की पढ़ाई कर रहीं हैं जो इस बार बीएएलएलबी तृतीय वर्ष की छात्रा हैं I वर्तिका मौर्या का कहना है कि उनके बडे भाई का नाम संदीप मौर्या तथा उम्र लगभग 27 वर्ष है, जिनकी पिछले वर्ष शादी हुई थी और शादी के कुछ दिन बाद से ही तबियत खराब चलने लगा, पिछले वर्ष नवंबर में उनका बोनमैरो ट्रांसप्लांट हुआ I
 वर्तिका का कहना है कि आर्थिक स्थिति ठीक न होने से प्रधानमंत्री निधि व मुख्यमंत्री निधि से भी सहायता मिली, किंतु स्थिति ज्यादा खराब होने पर लखनऊ के एक अस्पताल में भर्ती कराया तो डाॅक्टर ने “स्टेम सेल ट्रांसफ्यूजन” की सलाह दी है, जिसके इलाज के लिए तकरीबन 18 -19 लाख रुपये तक का खर्च आएगाI
इनके पिता दिव्यांग (विकलांग) हैं जो दिव्यांग होते हुए भी खेती का कार्य करते हैं और माता जी गृहिणी हैंI फिलहाल वर्तिका अपने भाई को लेकर लखनऊ के संजय गाँधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (SGPGI) में हैI जहाँ पर डाॅक्टर अंशुल गुप्ता की देखरेख में उनका इलाज जारी है, उनहोंने एक पत्र लिखकर दिया है और कहा कि इलाज के लिए तकरीबन 15 लाख रुपये का खर्च आएगा, जबकि खुद डाॅक्टर ने भी इलाज के लिए आर्थिक मदद मांगी है। वर्तिका ने जब सोशल मीडिया पर इलाज के लिए मदद मांगी तो ₹10 से लेकर ₹10000 तक की धनराशि लोग उसके एकाउंट में भेज रहे हैंI
वानर सेना भी मदद के लिए आया आगे : लखनऊ के जिला समाज कल्याण अधिकारी अजीत सिंह भी वर्तिका के भाई के इलाज के सहयोग करने हेतु लोगों से अनुरोध और विनती कर रहे हैं I आपको पता हो कि अजीत सिंह जी वानर सेना के संस्थापक हैं I उनके पोस्ट के बाद के उनसे जुड़े वानर सेना के सदस्य भी मदद हेतु आगे आए ! जबकि इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र भी अपने ट्विटर हैंडल, फेसबुक पेज व अन्य सोशल मीडिया पर यह पोस्ट साझा कर मदद मांग रहे हैंI
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आप सभी का सहयोग रहा तो शायद वर्तिका अगले रक्षाबंधन पर अपने भाई को भी राखी बांध सकेगी I

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